श्री गुरु तेग बहादुर खालसा महाविद्यालय, जबलपुर में दिनांक 08 जून 2026 को “जलसंवर्धन” विषय पर एक व्याख्यान सत्र का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर एस. चंडोक जी के मार्गदर्शन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. पंजाब राव चंदोलकर, विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. पवन शंकर तिवारी एवं प्रोफेसर अतुल कुमार दुबे (गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर ), श्री गुरु तेग बहादुर खालसा महाविद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सरदार एम. एस. चावला तथा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. एस. चंडोक जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती जी के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ किया गया। इसके पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. एस. चंडोक जी ने सभी को संबोधित किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल ही जीवन है तथा इसके संरक्षण के बिना सतत विकास की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे जल संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएं तथा समाज में जागरूकता फैलाएं।
प्राचार्य महोदय के उद्बोधन के पश्चात मुख्य अतिथि डॉ. पंजाब राव चंदोलकर जी ने अपना प्रेरणादायक वक्तव्य प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जल संकट एक गंभीर वैश्विक चुनौती बन चुका है। यदि समय रहते जल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण नहीं किया गया तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को जल संवर्धन हेतु विभिन्न उपायों जैसे वर्षा जल संचयन, जल पुनर्चक्रण एवं जल अपव्यय रोकने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा संस्थानों की भूमिका जल संरक्षण जैसे सामाजिक अभियानों में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्य अतिथि के उद्बोधन के पश्चात राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अंतर्गत अतिथिजनों द्वारा पौधे रोपित किये गये,तथा पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया। अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ. पवन शंकर तिवारी एवं प्रोफेसर अतुल कुमार दुबे जी ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा जल संरक्षण को समय की आवश्यकता बताते हुए विद्यार्थियों को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
अंत में कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। यह व्याख्यान सत्र जलसंवर्धन के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अत्यंत सफल एवं सार्थक प्रयास सिद्ध हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. मनीष शाह, डॉ. शिवमणि मिश्रा, डॉ. अंजू पाठक, डॉ. विपिन राय, श्रीमती प्रकृति बिस्वास, डॉ. शशि दुबे, डॉ. संजय गुप्ता, डॉ विमल शुक्ला, डॉ. रोहित वर्मा, डॉ. संध्या कोष्टा, डॉ. अम्बिका तिवारी अन्य समस्त प्राध्यापक avam विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।


