श्री गुरु तेग बहादुर खालसा महाविद्यालय, जबलपुर में दिनांक 08 जून 2026 (सोमवार) को शिक्षा विभाग द्वारा एक भव्य एवं आकर्षक कला एवं शिल्प (Art & Craft) प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मकता, नवाचार तथा कलात्मक कौशल को प्रोत्साहित करना था। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. पंजाब राव चंदोलकर, विशिष्ट अतिथि श्री पवन शंकर तिवारी, तथा प्रोफेसर अतुल कुमार दुबे (गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर), श्री गुरु तेग बहादुर खालसा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सरदार एम. एस. चावला एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. एस. चंडोक जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इसके उपरांत सर्वप्रथम प्राचार्य महोदय ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता एवं नवाचार की सराहना करते हुए अपना उद्बोधन दिया उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सृजनशीलता एवं व्यावहारिक कौशल को विकसित करती हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित करने के लिए प्रेरित किया। उनके प्रेरणादायक शब्दों ने विद्यार्थियों का उत्साह और भी बढ़ा दिया।
इसके पश्चात मुख्य अतिथि डॉ. पंजाब राव चंदोलकर जी ने भी अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना की तथा इस प्रकार की प्रदर्शनी को शिक्षा व्यवस्था में रचनात्मक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। विशिष्ट अतिथि डॉ. पवन शंकर तिवारी एवं प्रोफ़ेसर अतुल कुमार दुबे जी ने भी विद्यार्थियों को निरंतर आगे बढ़ने एवं नवाचार को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इसके उपरांत सभी अतिथिजनों द्वारा प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न प्रकार की आकर्षक कलाकृतियाँ प्रस्तुत की गईं, जिनमें पेंटिंग्स, हस्तशिल्प, सजावटी वस्तुएँ, मॉडल्स, बेस्ट-आउट-ऑफ-वेस्ट सामग्री, फ्लावर डेकोरेशन, मैक्रेमे वर्क तथा अन्य रचनात्मक सामग्री शामिल थी। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह सिद्ध किया कि शिक्षा के साथ-साथ कला एवं सृजनात्मकता भी व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण अंग है।
विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए क्राफ्ट कार्यों का प्रशिक्षण डॉ. एडलीन अब्राहम एवं मार्गदर्शन शिक्षा विभाग के समस्त प्राध्यापक डॉ. सिम्मी सिंह, डॉ जया चतुर्वेदी, डॉ. सरिता शर्मा, श्रीमती ममता गुप्ता,श्रीमती प्रियंका साहू, द्वारा प्रदान किया गया, जिनके सतत प्रयासों से विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को उचित दिशा एवं मंच प्राप्त हुआ। इस आयोजन में शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. संध्या कोष्टा, छात्र कल्याण प्रभारी डॉ. शशि दुबे एवं परीक्षा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. अम्बिका तिवारी जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके कुशल प्रबंधन एवं मार्गदर्शन से कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
इसके पश्चात शिक्षकगणों एवं आगंतुकों ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। प्रतिभागियों का उत्साह अत्यंत प्रेरणादायक रहा। अंत में शिक्षा विभाग द्वारा सभी अतिथियों, का धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा कार्यक्रम का समापन सफलतापूर्वक किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. मनीष शाह, डॉ. शिवमणि मिश्रा, डॉ. अंजू पाठक, डॉ. विपिन राय, श्रीमती प्रकृति बिस्वास, डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. विमल शुक्ला, डॉ. रोहित वर्मा, अन्य समस्त प्राध्यापक एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। यह कला एवं शिल्प प्रदर्शनी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक सोच एवं आत्म-अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने में अत्यंत सफल सिद्ध हुई।


