श्री गुरु तेग बहादुर खालसा महाविद्यालय, जबलपुर में 28 जून 2026 को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षेत्रीय कार्यालय, जबलपुर) के सहयोग से “Unlocking the Potential of Administrative Data” विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. एस. चंडोक की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।
मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. शैलेश चौबे (विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय) एवं प्रो. आशीष मिश्रा (डीन, प्रबंधन एवं वाणिज्य संकाय, मंगलायतन विश्वविद्यालय) उपस्थित रहे। कार्यक्रम आयोजक श्री सुनील कुमार पटेल, निदेशक, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय, जबलपुर भी मंचासीन रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना तथा अतिथियों के स्वागत से हुआ। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. चंडोक ने कहा कि डेटा आधारित निर्णय प्रणाली आज सुशासन एवं सतत विकास का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों को सांख्यिकीय ज्ञान, अनुसंधान एवं विश्लेषणात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
श्री सुनील पटेल ने राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह महान सांख्यिकीविद् प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती पर मनाया जाता है तथा इसका उद्देश्य नीति निर्माण और अनुसंधान में विश्वसनीय आँकड़ों की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
मुख्य वक्ता प्रो. शैलेश चौबे ने प्रशासनिक आँकड़ों को प्रभावी नीति निर्माण एवं विकास का आधार बताते हुए विद्यार्थियों को शोध एवं नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। प्रो. आशीष मिश्रा ने डिजिटल युग में गुणवत्तापूर्ण डेटा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आधुनिक तकनीकों एवं सांख्यिकीय उपकरणों के उपयोग पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर एवं क्विज़ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेताओं को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंच संचालन डॉ. रूबी दुग्गल तथा आभार प्रदर्शन श्री निखिल सिंह (सहायक निदेशक, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, रीवा) ने किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. हर्षिता शुक्ला, डॉ. सौरभ गुप्ता, श्रीमती प्राची खरे, डॉ. संगीता श्रीवास्तव, डॉ. विनीता मिश्रा एवं डॉ. श्वेता सोनी का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं अत्यंत सफल रहा।


