श्री गुरु तेग बहादुर खालसा महाविद्यालय, जबलपुर में आज दिनांक 5 जून 2026 को महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक जागरूकता रैली एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.आर एस. चंडोक जी के मार्गदर्शन में किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना तथा स्वस्थ जीवन शैली को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम का शुभारम्भ प्राचार्य महोदय के उद्बोधन से हुआ, उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि ” आज का यह दिवस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संकल्प का प्रतीक है। तंबाकू जैसी घातक आदत न केवल शरीर को नष्ट करती है, बल्कि व्यक्ति के भविष्य और पूरे समाज को भी प्रभावित करती है। मैं आप सभी से यह अपेक्षा करता हूँ कि आप स्वयं भी इस नशे से दूर रहें और अपने परिवार एवं समाज को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में आपका कर्तव्य है कि आप ‘स्वस्थ जीवन’ को अपनाएँ और ‘नशामुक्त भारत’ के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ क्योंकि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी पूँजी है। यदि स्वास्थ्य सुरक्षित है, तो भविष्य निश्चित रूप से उज्ज्वल है। इसके उपरांत प्राचार्य महोदय द्वारा सभी को “तम्बाकू मुक्त समाज ” की शपथ दिलायी गई , जिसमें सभी ने यह संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के तंबाकू एवं नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे तथा दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे। इसके पश्चात तंबाकू सेवन के दुषप्रभावो पर एक जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने “तंबाकू छोड़ो – स्वस्थ जीवन अपनाओ”, “नशा छोड़ो जीवन जोड़ो” जैसे प्रेरणादायक नारे लगाए। रैली ने पूरे परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में जागरूकता का संदेश फैलाया। यह कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं प्रभावशाली रहा। जिसे राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ. रूबी दुग्गल के प्रयासो एवं स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी ने और भी सार्थक बना दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. मनीष शाह, डॉ. शिवमणि मिश्रा, डॉ.विपिन राय, श्रीमती प्रकृति बिस्वास, डॉ. शशि दुबे, डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. विमल शुक्ला, डॉ. रोहित वर्मा, डॉ. संध्या कोष्टा, एवं डॉ. अम्बिका तिवारी अन्य समस्त प्राध्यापक एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी एवं जागरूकता की भावना विकसित करते हैं और स्वस्थ भारत की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


