श्री गुरु तेग बहादुर खालसा विधि महाविद्यालय, जबलपुर में दिनांक 05 अगस्त 2026 को विधि विभाग द्वारा नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं उनके महाविद्यालयीन जीवन के शुभारम्भ के उद्देश्य से दीक्षारम्भ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के निदेशक डॉ. आर. एस. चंडोक जी के कुशल मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विधि शिक्षा की व्यापकता, महाविद्यालय की शैक्षणिक परंपराओं, उपलब्ध संसाधनों तथा विभिन्न अकादमिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों से परिचित कराते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए उचित दिशा प्रदान करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री राजेन्द्र श्रीवास्तव जी, (पूर्व अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी एवं पूर्व अध्यक्ष, उपभोक्ता आयोग) तथा विशिष्ट अतिथि श्री वी. डी. दीक्षित जी,( जिला विधिक अधिकारी, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर) महाविद्यालय के निदेशक डॉ. आर. एस. चंडोक जी, विधि विभागाध्यक्ष डॉ. आरती शुक्ला जी एवं विधि इंचार्ज डॉ. स्वर्ण तिवारी जी की मंच पर गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती जी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात स्वागत बेला में,अतिथियों का पौधा एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर आत्मीय एवं सम्मानपूर्ण स्वागत किया गया। तदुपरान्त महाविद्यालय के निदेशक डॉ. आर. एस. चंडोक जी ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विधि शिक्षा केवल कानून की धाराओं एवं प्रावधानों को जानने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह न्याय की समझ, संवैधानिक मूल्यों के प्रति आस्था, तार्किक चिंतन, नैतिकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को विकसित करने की प्रक्रिया है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन, जिज्ञासा एवं निरंतर सीखने की प्रवृत्ति को अपने विद्यार्थी जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि महाविद्यालय उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व एवं व्यावसायिक क्षमताओं के विकास के लिए अनुकूल शैक्षणिक वातावरण प्रदान करेगा। मुख्य अतिथि श्री राजेन्द्र श्रीवास्तव जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विधि के क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान, तर्कशक्ति, निरंतर अध्ययन एवं मानवीय संवेदनशीलता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को कानून के विद्यार्थी के रूप में अपने ज्ञान एवं क्षमता का उपयोग समाज में न्याय, विधिक जागरूकता एवं सकारात्मक परिवर्तन के लिए करने हेतु प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि श्री वी. डी. दीक्षित जी ने विद्यार्थियों को विधिक सेवा एवं न्याय की सुलभता के विषय में जानकारी प्रदान की। उन्होंने विशेष रूप से समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों तक न्याय एवं विधिक सहायता पहुँचाने में विधि विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़कर जिम्मेदार विधि-व्यावसायिक बनने के लिए प्रेरित किया। इसके पश्चात विधि विभाग के प्राध्यापक श्री अमर पाटकर, श्रीमती रूचि सिंह, श्री जितेन्द्र पटेल,श्री अनिल गुल्हनी, श्रीमती अनीता साहू, सुश्री अंशुली चतुर्वेदी,द्वारा नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय एवं विभाग की शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली, पुस्तकालय, मूट कोर्ट, तथा विभिन्न अकादमिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। अंत में विद्यार्थियों को महाविद्यालय के मूट कोर्ट एवं पुस्तकालय का भ्रमण भी कराया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन श्रीमती आकांशी पाठक द्वारा किया गया, तथा कार्यक्रम का समापन डॉ. आरती शुक्ला ( विभागाध्यक्ष, विधि विभाग )जी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।


