श्री गुरु तेग बहादुर खालसा महाविद्यालय में दिनांक 25 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के पावन पर्व के उपलक्ष्य में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. एस. चंडोक जी के मार्गदर्शन में राखी मेकिंग, मेहंदी एवं थाली डेकोरेशन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं का आयोजन महाविद्यालय की सांस्कृतिक समिति द्वारा किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. एस. चंडोक जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए रक्षाबंधन पर्व की सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व ही नहीं, बल्कि यह स्नेह, सम्मान, सुरक्षा, जिम्मेदारी एवं पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़े पर्वों को रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से मनाने के लिए प्रेरित किया। प्राचार्य महोदय ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों की रचनात्मकता, कलात्मक अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास एवं टीम भावना को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह एवं रचनात्मकता के साथ सहभागिता की। राखी मेकिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विभिन्न रंगों, धागों, मोतियों एवं सजावटी सामग्रियों का प्रयोग कर आकर्षक एवं कलात्मक राखियाँ तैयार कीं। मेहंदी प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पारंपरिक एवं आधुनिक डिजाइनों के माध्यम से अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वहीं थाली डेकोरेशन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगे फूलों, दीपकों, सजावटी सामग्री एवं अन्य रचनात्मक वस्तुओं का प्रयोग करते हुए सुंदर एवं आकर्षक राखी थालियाँ सजाईं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ने के साथ-साथ अपनी सृजनात्मक एवं कलात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रतिभागियों में विशेष उत्साह एवं उमंग दिखाई दी। प्रतियोगिताओं के निर्णायक के रूप में डॉ. संध्या कोष्टा, डॉ. आरती शुक्ला एवं डॉ. गुरप्रीत कौर कालरा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने प्रतिभागियों की रचनात्मकता, कलात्मकता, मौलिकता एवं प्रस्तुति के आधार पर प्रतियोगिताओं का निष्पक्ष मूल्यांकन किया। प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन में सांस्कृतिक प्रभारी डॉ. अंजु पाठक तथा समिति की सदस्य डॉ. अम्बिका तिवारी, डॉ. स्वर्णा मराठा, श्रीमती रूचि सिंह, डॉ. वनिता मिश्रा, डॉ. पुष्पलता पचौरी एवं श्रीमती हर्षिता दुबे का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समिति के सदस्यों ने प्रतियोगिताओं के सुव्यवस्थित संचालन, प्रतिभागियों के मार्गदर्शन एवं व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई।इस अवसर पर डॉ. मनीष शाह, डॉ. शिवमणि मिश्रा, डॉ विपिन राय, डॉ शशि दुबे, डॉ. संजय गुप्ता, डॉ विमल शुक्ला, डॉ. रोहित वर्मा, डॉ. अम्बिका तिवारी, डॉ निरंजन पटेल अन्य समस्त प्राध्यापक एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए भारतीय संस्कृति, तथा रचनात्मक अभिव्यक्ति का सुंदर संगम सिद्ध हुआ। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में उत्साह, सहभागिता एवं सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।



